हरियाणा के भिवानी जिले के सिंहानी गाँव में 19 वर्षीया युवती Manisha की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना न केवल एक अपराध है, बल्कि महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। सोशल मीडिया पर #JusticeForManisha लगातार ट्रेंड कर रहा है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं |
Manisha एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थीं और गाँव के प्ले-स्कूल में टीचर के रूप में कार्य कर रही थीं। पढ़ाई के साथ-साथ वे बच्चों को भी पढ़ाती थीं। परिजनों के अनुसार, वह अपने व्यवहार और मेहनत के लिए जानी जाती थीं।

- 11 अगस्त को Manisha अचानक लापता हो गईं।
- दो दिन बाद, 13 अगस्त को उनका शव Singhani गाँव के बाहर खेत में मिला।
- रिपोर्ट के अनुसार उनके साथ बलात्कार की आशंका जताई गई और गला काटकर उनकी हत्या की गई।
- शव पर तेजाब (acid) फेंकने के भी निशान पाए गए।

🔹 परिवार का आरोप – पुलिस की लापरवाही
Manisha के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआती शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। Missing report दर्ज करने में देरी की गई और इस वजह से समय रहते मदद नहीं मिल पाई।

🔹 जनता का गुस्सा – Protest और Social Media प्रतिक्रिया
घटना के बाद Singhani गाँव और आसपास के क्षेत्रों में भारी रोष देखने को मिला।
लोगों ने सड़कों पर उतरकर candle march और protest किए।
Social media पर #JusticeForManisha ट्रेंड करने लगा और हजारों लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई।

🔹 Instagram / Social Media Reaction
👉 https://www.instagram.com/reel/DNYjOCyzJV1/?igsh=YXNna2QzMnh5MHl0
(इस वायरल reel में लोग Manisha के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं
🔹 प्रशासन की कार्रवाई
जनदबाव के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की और जांच तेज की।
- भिवानी के SP को ट्रांसफर कर दिया गया।
- SHO सहित 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
- कुछ संदिग्धों से पूछताछ जारी है

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे “कानून-व्यवस्था की विफलता” बताया।
कुमारी शैलजा ने भी सरकार की लापरवाही की आलोचना की और परिवार से मुलाकात की
Manisha हत्याकांड कोई साधारण घटना नहीं है। यह घटना हमें यह याद दिलाती है कि महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही आज भी एक बड़ा सवाल है। दोषियों को तुरंत कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हिम्मत न कर सके।
👉 “जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं… समाज की भी है कि वह आवाज़ उठाए और अन्याय के खिलाफ खड़ा रहे।”
यह पूरा Manisha Hatyakand केस आज भी लोगों के लिए बहुत दर्दनाक उदाहरण है।